मिलने की दुआ करता रहता हूँ प्रेम का सावन लाना संग प्रीति का मौसम लाना जो दिल में छुपाके रखा था वो लबों पर लाने की मौका देना चाँद सितारों की बारात लाना घड़ी सुहानी लाना मेरे साथ देना मेरी सपनों की रानी तेरी संग की यादें सद्भावना सद्बुद्धि गवाली नींदें उड़ायी नयनों से छेड़खानी दिल में रचायी प्रेम कहानी जो करने बैठा था वो नहीं कर पाया तुम्हें पाकर भाग्यशाली बना दो मन की आँचल में रखी हमारी प्रेम की कृपा को मन डगमगाता रहा मैं देखी गयी सपनों को बिखरना नहीं चाहता हूँ जिन्दगी में उतार चढ़ाव बहुत देखा हूँ इसलिए आज मैं कमज़ोर नहीं हुआ हूँ मगर घर में रहकर भी बेघर जरूर बना हूँ हम चाहे बंधन में बंधे न बंधे जज्बात का रिश्ता तो दिल से मेरी मनमौरान में सुरक्षित खोना चाहता नहीं हूँ
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