विशेष रुप से प्रदर्शित पोस्ट

लिंग बनने का तरीका

 लिंग :   स्त्री जाति/ पुरुष जाति के बारे में बताने वाले शब्द को लिंग कहते हैं।  उदाहरण:  पुं  लिंग - स्त्री लिंग     माता - पिता       राम - सीता       लड़का - लड़की  लिंग 12( बारह) तरीकों प्रत्यय से बनता है।  1. अ ,2.आनी,3.आइन,4.इनी,5.इया,6.इका,7.इन,8.ई,9.नी,10.वती/मति,11.त्री,12. प्रत्यय फ्री (No suffix)         

छंद (for slow learners)

 छंद (यमाताराजभानस लग)

कविता में प्रयुक्त होने वाले वर्ण, मात्रा, यति आदि के संगठन को छंद कहते हैं।


चौपाई छंद यह एक सम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं। प्रत्येक चरण में सोलह मात्राएँ होती हैं।

उदाहरण :

प्रभुजी, तुम चंदन हम पानी।

 जाकी अँग-अँग बा बास समानी।।

प्रभुजी, तुम घन-बन हम मोरा।

जैसे चितवहि चंद्र चकोरा ।।


दोहा छंद

दोहा मात्रिक छंद है। इसके पहले चरण में तेरह मात्राएँ, दूसरे चरण में ग्यारह मात्राएँ (13-11) होती हैं। तीसरे चरण में तेरह मात्राएँ और चौथे चरण में ग्यारह मात्राएँ होती हैं।

उदाहरण:

।।।। SS SIS II SS II SI

रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।

पानी गये न ऊबरै, मोती मानुष चून ।।


टिप्पणियाँ