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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

Qno5 समास



समास


परिभाषा: दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए शब्द को समास कहते हैं।

उदा :- रसोईघर - रसोई के लिए घर ।

समास में दो पद होता है। 
 वे    1.पूर्व पद 
        2.उत्तर पद 

'रसोई घर' शब्द में रसोई - पूर्व पद है 
                       घर - उत्तर पद है 

समास के प्रकार(4/6)

I. अव्ययीभाव समास:
 (recognise  starting లో क्रिया विशेषण,अ,यथा ,हर, भर, धीरे-धीरे, प्रति వస్తాయి)

पहला या पूर्व पद अव्यय होता है और प्रधान होता है 

उदाहरण

1. अकारण

2. यथाशक्ति

3. आजन्म

4 भरपूर

5. प्रतिदिन

6. प्रत्येक

7. बारबार

8. कण कण

तत्पुरुष समास: Last word కి importance
(पूर्व पद गौण उत्तर पद प्रधान होता है)

1. मनभावन,

2 वर्षा ऋतु,

3. श्रम जल,

4. भारतवासी

5. देश प्रेम

6. युव शक्ति

7. नर समाज

8. देश प्रेम

9. अन्नदाता

10. शरणागत

III. कर्म धाराय समास: 
{Recognise:speciality/ adjective (రంగు రూపు ఆకారం) ఉంటుంది }

(पूर्व पद विशेषण ,उत्तर पद विशेष्य होता है)

1. नील कमल

2. चरणकमल

3. लोह पुरुष

4. चन्द्र मुख 

5. महोदय

6. महाकवि

IV. द्विगु समास: 
(Recognise:first word number ఉంటుంది)

(पूर्व पद संख्या वाचक विशेषण होता है।)

1. त्रिभुवन

2. पंचवटी

3. सतसई

4. दोपहर,


V. द्वन्द्व समास:
(Recognise:మధ్యలో  hyphen symbol - ఉంటుంది)
(योजक लुप्त हो कर दो पद प्रधान होता)

1. दिन-रात

2. सुख -दुख

5. माता-पिता

6. पाप-पुण्य

7. सुख-दुख

3. पेड-पौधा,

4. नभ-तल

8. पशु-पक्षी

VI. बहुव्रीहि समास:
(पूर्व, उत्तर पद से किसी तीसरे पद की लक्ष्यार्थ प्रधान होता है )
(Recognise  దేవుండ్ల ,రాక్షసుల పేర్లు ఉంటాయి)

Ex: 1. लम्बोधर (गणेश)

2. चक्रधर (कृष्ण)

3. चतुर्मुख (ब्रह्म)

4. पीतांबर (कृष्ण)

ओर संकेत करता है)



 


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