*📚 100 महत्वपूर्ण मुहावरे — अर्थ सहित*
1. आँखों का तारा — बहुत प्यारा होना
2. आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना
3. आँखों में खून उतरना — बहुत क्रोधित होना
4. आसमान सिर पर उठाना — बहुत शोर करना
5. आस्तीन का साँप — विश्वासघाती व्यक्ति
6. आटे-दाल का भाव मालूम होना — कठिनाई का अनुभव होना
7. आग बबूला होना — बहुत क्रोधित होना
8. आग में घी डालना — क्रोध बढ़ाना
9. आकाश-पाताल एक करना — बहुत प्रयास करना
10. ईंट का जवाब पत्थर से देना — कड़ा प्रतिकार करना
11. उँगली पर नचाना — अपने वश में रखना
12. उल्टी गंगा बहाना — विपरीत काम करना
13. एक और एक ग्यारह होना — एकता में शक्ति होना
14. एड़ी-चोटी का जोर लगाना — पूरा प्रयास करना
15. ओस चाटना — बहुत कम लाभ होना
16. कमर कसना — तैयार होना
17. कलेजा मुँह को आना — बहुत घबरा जाना
18. कान भरना — चुगली करके भड़काना
19. कान पर जूँ न रेंगना — कोई प्रभाव न पड़ना
20. कानोंकान खबर न होना — बिल्कुल पता न चलना
21. खून-पसीना एक करना — बहुत मेहनत करना
22. खून खौलना — बहुत क्रोधित होना
23. खून के आँसू रोना — बहुत दुखी होना
24. खून सफेद होना — अपनापन समाप्त होना
25. खिचड़ी पकाना — गुप्त योजना बनाना
26. खेल बिगाड़ना — काम खराब करना
27. गले का हार होना — बहुत प्रिय होना
28. गले का फाँस होना — बड़ी परेशानी होना
29. गले पड़ना — पीछे पड़ जाना
30. गड़े मुर्दे उखाड़ना — पुरानी बातें उठाना
31. गुदड़ी का लाल — गरीब में छिपा गुणी व्यक्ति
32. गूलर का फूल होना — बहुत दुर्लभ होना
33. चाँदी काटना — खूब लाभ कमाना
34. चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना
35. चुल्लू भर पानी में डूब मरना — बहुत लज्जित होना
36. चूहे के बिल में हाथ डालना — जानबूझकर मुसीबत मोल लेना
37. छक्के छुड़ाना — बुरी तरह परेशान करना
38. छाती पर साँप लोटना — बहुत ईर्ष्या होना
39. छाती ठोकना — गर्व से कहना
40. टस से मस न होना — जरा भी न हिलना
41. टाँग अड़ाना — बाधा डालना
42. टुकड़ों पर पलना — किसी के सहारे रहना
43. दाँत खट्टे करना — बुरी तरह हरा देना
44. दाँतों तले उँगली दबाना — बहुत आश्चर्यचकित होना
45. दिन में तारे दिखाई देना — बहुत कष्ट होना
46. दिन में सपने देखना — असंभव कल्पना करना
47. नौ दो ग्यारह होना — भाग जाना
48. नाक कटना — अपमान होना
49. नाक में दम करना — बहुत परेशान करना
50. नाकों चने चबवाना — बहुत परेशान करना
51. नानी याद आना — बहुत परेशान होना
52. नमक-मिर्च लगाना — बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना
53. पलक पाँवड़े बिछाना — बहुत स्वागत करना
54. पानी-पानी होना — बहुत लज्जित होना
55. पानी में आग लगाना — असंभव काम कर देना
56. पानी फेर देना — काम बिगाड़ देना
57. पेट में चूहे कूदना — बहुत भूख लगना
58. पेट का पानी न पचना — बात छिपाकर न रख पाना
59. पेट में दाढ़ी होना — बहुत चालाक होना
60. पाँचों उँगलियाँ घी में होना — बहुत लाभ में होना
61. मुँह की खाना — हार जाना
62. मुँह में पानी आना — खाने की इच्छा होना
63. मुँह पर ताला लगाना — चुप रहना
64. मुँह की बात छीन लेना — वही बात पहले कह देना
65. रंगे हाथ पकड़ा जाना — अपराध करते पकड़ा जाना
66. राई का पहाड़ बनाना — छोटी बात को बढ़ाना
67. रंग में भंग डालना — आनंद में बाधा डालना
68. लोहे के चने चबाना — बहुत कठिन काम करना
69. लोहा मानना — श्रेष्ठता स्वीकार करना
70. सिर पर कफन बाँधना — जान की परवाह न करना
71. सिर पर आसमान उठाना — बहुत शोर करना
72. सिर आँखों पर बैठाना — बहुत सम्मान करना
73. सिर खपाना — बहुत सोच-विचार करना
74. सिर पर भूत सवार होना — किसी बात की धुन होना
75. हाथ पर हाथ धरे बैठना — निष्क्रिय बैठना
76. हाथ मलना — पछताना
77. हाथ साफ करना — चोरी करना
78. हाथ-पाँव फूलना — घबरा जाना
79. हाथों के तोते उड़ना — बहुत घबरा जाना
80. हाथ से निकल जाना — नियंत्रण से बाहर होना
81. हवा में उड़ना — बहुत घमंड करना
82. हवा का रुख देखना — परिस्थिति देखकर काम करना
83. हवा में गाँठ बाँधना — बात अच्छी तरह याद रखना
84. हाथी के दाँत खाने के और, दिखाने के और — कथनी और करनी में अंतर
85. आँख का काँटा — अप्रिय व्यक्ति
86. ईद का चाँद होना — बहुत दिनों बाद दिखाई देना
87. खून का प्यासा होना — बहुत शत्रुता रखना
88. गिरगिट की तरह रंग बदलना — बार-बार विचार बदलना
89. चिकना घड़ा — जिस पर किसी बात का प्रभाव न पड़े
90. दाल न गलना — प्रयास सफल न होना
91. नौ दिन चले अढ़ाई कोस — बहुत धीमी गति से काम करना
92. बगलें झाँकना — निरुत्तर होना
93. बाल की खाल निकालना — बहुत अधिक बारीकी निकालना
94. मुँह में राम, बगल में छुरी — ऊपर से अच्छा, अंदर से कपटी
95. रस्सी जल गई पर बल नहीं गया — सब कुछ नष्ट होने पर भी अकड़ न जाना
96. साँप-छछूंदर की दशा — ऐसी स्थिति जिसमें निर्णय कठिन हो
97. सौ सुनार की, एक लोहार की — एक प्रभावशाली वार अनेक छोटे प्रयासों पर भारी
98. थाली का बैंगन — जो स्थिर विचार का न हो
99. घर का भेदी लंका ढाए — अपना व्यक्ति ही बड़ा नुकसान कर सकता है
100. विनाश काले विपरीत बुद्धि — बुरे समय में बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।
टिप्पणियाँ