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मुहावरे — अर्थ सहित*

 *📚 100 महत्वपूर्ण मुहावरे — अर्थ सहित* 1. आँखों का तारा — बहुत प्यारा होना 2. आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना 3. आँखों में खून उतरना — बहुत क्रोधित होना 4. आसमान सिर पर उठाना — बहुत शोर करना 5. आस्तीन का साँप — विश्वासघाती व्यक्ति 6. आटे-दाल का भाव मालूम होना — कठिनाई का अनुभव होना 7. आग बबूला होना — बहुत क्रोधित होना 8. आग में घी डालना — क्रोध बढ़ाना 9. आकाश-पाताल एक करना — बहुत प्रयास करना 10. ईंट का जवाब पत्थर से देना — कड़ा प्रतिकार करना 11. उँगली पर नचाना — अपने वश में रखना 12. उल्टी गंगा बहाना — विपरीत काम करना 13. एक और एक ग्यारह होना — एकता में शक्ति होना 14. एड़ी-चोटी का जोर लगाना — पूरा प्रयास करना 15. ओस चाटना — बहुत कम लाभ होना 16. कमर कसना — तैयार होना 17. कलेजा मुँह को आना — बहुत घबरा जाना 18. कान भरना — चुगली करके भड़काना 19. कान पर जूँ न रेंगना — कोई प्रभाव न पड़ना 20. कानोंकान खबर न होना — बिल्कुल पता न चलना 21. खून-पसीना एक करना — बहुत मेहनत करना 22. खून खौलना — बहुत क्रोधित होना 23. खून के आँसू रोना — बहुत दुखी होना 24. खून सफेद होना — अपनापन समाप्त होना 25. ख...

क्रिया विशेषण Adverb

 क्रिया-विशेषण  Adverb

          क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया-विशेषण कहते हैं।

  क्रिया-विशेषण चार प्रकार हैं- 


1. रीतिवाचक क्रिया विशेषण   (कैसे ?) 

क्रिया कैसे हुई ( होने का ढंग या रीति क्या थी) के बारे में बताने वाले शब्द को रीति वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं 

उदाहरण ज़ोर से, फ़टाफ़ट, जल्दी-जल्दी, धीरे-धीरे, अचानक, ध्यानपूर्वक आदि


क्रिया के साथ 'कैसे' लगाकर प्रश्न करने पर रीतिवाचक क्रिया विशेषण की पहचान सरलता से की जा सकती है

जैसे बारिश अचानक होने लगी।


2. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण     (कितनी ?) 

क्रिया कितनी हुई (क्रिया के होने का परिमाण या मात्रा) के बारे में बताने वाले शब्द को परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। 

उदाहरण थोड़ा, ज़्यादा, कम, अधिक, काफ़ी, खूब, केवल, लगभग आदि । 


क्रिया के साथ 'कितना/कितनी' लगाकर प्रश्न करने पर परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण की पहचान सरलता से की जा सकती है, 

जैसे- बारिश खूब हुई।


3. स्थानवाचक क्रिया विशेषण    (कहाँ ?) 

क्रिया कहाँ हुई (क्रिया के होने का स्थान) के बारे में बताने वाले शब्द को स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। 

उदाहरण: इधर, उधर, आगे, पीछे, बाहर, अंदर, भीतर, पास, दूर आदि । 


 क्रिया के साथ 'कहाँ' लगाकर प्रश्न करने पर स्थानवाचक क्रिया विशेषण की पहचान सरलता से की जा सकती है,

 जैसे- बारिश में बच्चे बाहर खेलने लगे।


4. कालवाचक क्रिया विशेषण      (कब ?) 

क्रिया कब हुई (क्रिया के होने का काल या समय) के बारे में बताने वाले शब्द को कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। 

उदाहरण  दिनभर, रातभर, सुबह, शाम, प्रतिदिन, हमेशा, कभी-कभी, सदा, अभी, कल आदि ।


क्रिया के साथ 'कब' लगाकर प्रश्न करने पर कालवाचक क्रिया-विशेषण की पहचान सरलता से की जा सकती है, 

जैसे- बारिश दिन में हुई है।





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