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लिंग बनने का तरीका

 लिंग :   स्त्री जाति/ पुरुष जाति के बारे में बताने वाले शब्द को लिंग कहते हैं।  उदाहरण:  पुं  लिंग - स्त्री लिंग     माता - पिता       राम - सीता       लड़का - लड़की  लिंग 12( बारह) तरीकों प्रत्यय से बनता है।  1. अ ,2.आनी,3.आइन,4.इनी,5.इया,6.इका,7.इन,8.ई,9.नी,10.वती/मति,11.त्री,12. प्रत्यय फ्री (No suffix)         

जवानी में जीवन सदा रहना है तो

 जवानी में जीवन सदा रहना है तो

जवानी में जीवन सदा रहना है तो 

अवश्य होना है प्रेम तथा प्रेमिका 

प्रेम के बिना जीवन किसी अंधेरी गुफा में 

चलते रहने के समान है । 

वैसे प्रेमिका के बिना भी जीवन 

तन्हाई के आलम में जीने के समान है 

निराश की नीड़ में रहने की समान है

प्रेमिका से ही बहुत खुशी पा सकते हैं 

जो शारीरिक मानसिक सामाजिक 

क्रियाकलापों से संबंधित है

मन में बहुत आशाएँ जगा सकते हैं 

जीवन की समस्याओं को अधिक समय भूल सकते हैं

तन मन धन परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं 

एवं ध्यान दे सकते हैं 

यह बात सही है कि 

जीवन की कुछ स्थितियाँ 

तरह-तरह मुकाम पर धकेल देती है 

अलग बनने की विवश कर देती है

रोशनी की जगह अंधकार बिठा देती है

प्रेम विचार के रूप में प्रेम बहुत पवित्र है 

शारीरिक संबंधों से दूषित हो सकता है।।

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