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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

अपनी पहचान ग़ायब

                         अपनी पहचान ग़ायब 


आते - जाते,  

                    चलते - फिरते, 

काल गमन में, 

                अपनी पहचान ग़ायब! 

कौन है तू ? 

             क्या नाम है तेरा ? 

करते क्या हो ? 

                ये सब भूल जाएंगे, 

एक दिन कुएं में कूद जाएंगे !! 

        यहाँ किसकी कोई परवाह नहीं, 

ख़ुद पे भरोसा नहीं! 

                    रस्ता भटकते रहो,  

काँटे को निकालते जाओ! 

                        कठिन समय है, 

तो धीरज बना के रखो! 

                           अगर जीना चाहते हैं , 

तो आगे बढ़ो ! 

                   और अंत में ये सिद्ध करो, 

कोई जन्म से महान नहीं, 

                                बल्कि कर्म से होता है!  

 बल्कि कर्म से होता है!! 

                   

                         


                                          ......... साहसी 


टिप्पणियाँ

Mahaa bhoj ने कहा…
सही बात है