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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

प्रत्यय और उपसर्ग




उपसर्ग


उपसर्ग शब्द के पहले लगाकर दूसरे शब्द का अर्थ बदल देते हैं

किसी शब्द के आरम्भ में लगकर उनके अर्थ में विशेषता ले आते हैं उपसर्ग कहलाते हैं।


उपसर्ग के उदाहरण


अनु - अनुभव, अनुभूति


प्रति - प्रतिरूप, प्रतिकूल


सु - सुगम, सुबोध


उप उपवन, उपकार


सह - सहपाठी, सहमति


वि - वियोग, विनाश


अप अपयश, अपमान









उदाहरण


अ (नहीं, अभाव)- अभाव, अज्ञान, अधर्म, असुर, अकाल, अनाय, अमर

अति (अधिक)- अतिरिक्त

अन (रहित)- अनपढ़, अनबन, अनजान, अनकही, अनसुना

अध (आधा) - अधमरा, अधपका, अधखिला

अव (रहित)- अवगुण, अवतार, अवशेष, अवघट

आ (तक से)- आकाश, आमरण, आजीवन, आजन्म

उप (सहायक) - उपहार, उपकार, उपदेश, उपचार

अभि (सामने) - अभिलाषा, अभियोग, अभिमान, अभिभावक

स (अच्छा)- सपूत, सजल

सु (सुंदर)- अच्छे कर्म, सहज, अच्छी ख्याति, सुलभ, सुगंधित, दूरगामी, अच्छा पुत्र

ए (बुरा) - कायर

दु (बुरा, कम)- दुसाध्य, दुबला

कु (बुराई)- कुसंग, कुकर्म, कुपुत्र, कुसमय, कुमार्ग, कुमति

नि (अनुपस्थिति) - निवास, नियुक्त, निबंध, निर्भय, हत्यारा, बेकार, स्वस्थ

भर (पूरा) - भरमार, भरपूर, भरपेट

परा (उल्टा) - परामर्श, पराजय, पराधीन, पराक्रम

परि (सब ओर) - परिपूर्ण, परिजन, परिवर्तन

प्र (आगे) - प्रयल, प्रबल, प्रसिद्ध, प्रदान

प्रति (सामने) - प्रतिकूल, प्रतिकार, प्रतिफल

वि (हीनता) - वियोग, विशेष, विधवा, विज्ञान





प्रत्यय


प्रत्यय शब्द के अंत में लगाकर शब्द का अर्थ बदलता है


प्रत्यय के उदाहरण


सुंदर + ता = सुंदरता

पागल + पन = पागलपन

समाज + इक = सामाजिक 

सर्वजन + इक = सार्वजनिक

धर्म + इक = धार्मिक

बुद्धि + मान = बुद्धिमान

धन + वान = धनवान

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