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लिंग बनने का तरीका

 लिंग :   स्त्री जाति/ पुरुष जाति के बारे में बताने वाले शब्द को लिंग कहते हैं।  उदाहरण:  पुं  लिंग - स्त्री लिंग     माता - पिता       राम - सीता       लड़का - लड़की  लिंग 12( बारह) तरीकों प्रत्यय से बनता है।  1. अ ,2.आनी,3.आइन,4.इनी,5.इया,6.इका,7.इन,8.ई,9.नी,10.वती/मति,11.त्री,12. प्रत्यय फ्री (No suffix)         

पर्वत प्रदेश में पावस सारांश

 पर्वत प्रदेश में पावस सारांश 


इस कविता के कवि श्री सुमित्रानंदन पंत जी है। उसका जीवन काल 1900-1977 माना जाता है। उनसे रचित कविता का नाम पर्वत प्रदेश में पावस । इस कविता में -

  1.  वर्षा ऋतु में पर्वतीय क्षेत्र में प्रकृति हर पल अपने रूप को बदलती है।
  2.  मेखलाकर पर्वत हजारों सुमन रूपी आँखों से नीचे तालाब में अपने रूप को देख रहे हैं।
  3. झाग भरे झरने झर-झर नाद कर रहे हैं।
  4.  महत्वकांक्षाओं से भरे पेड बिना पलक आकाश की ओर देख रहे हैं।
  5.  अचानक बादलों के आगमन से मानो पर्वत कहीं उड गये हैं।
  6.  वर्षा की तेज से ऐसा लगता है कि धरती पर आकाश टूट पड़ा हो ।
  7. भय से विशाल शाल वृक्ष जमीन में धंस गये हैं।
  8. वर्षा की तेजी से आये धुआँ मानो तालोबों में आग लगा दी गई है।
  9. यह सब देख लगता है कि इंद्र अपने जादू का खेल खेल रहे हैं।

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