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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

जिंदगी का रस

 


जिंदगी का रस


जवानी से हारकर

क्षुब्ध अशांत होकर

हिंसा पर उतारकर

निराश हताश होकर

हुआ हूँ तनाव ग्रस्त।

मुझमें प्रेम विरह

खुली भट्टी की तरह 

भकभक जल रही है 

एक ओर दिमाग का 

प्रगति के ओर खुले आह्वान हैं 

दूसरी ओर मन की 

तनाव की ओर खुले आह्वान हैं

इन कई चुनौतियों से 

असमंजस में जूझ रहा हूँ ।

जब तुम्हारा व्यवहार स्मरण आती है

तो बचता है तनाव और अवसाद

असफल रहने का दुःख 

संतुष्टि खोजते खोजते

 मन करता है कि 

पश्चिम सभ्यता अपनाने को

नशे की ओर आगे बढ़ाने को 

काम सुख की भोगने को

परंतु जब सहज जिंदगी का रस

याद आता है तो

 युवक होने की पात्र के साथ-साथ 

बेटा, भाई, छात्र एवं शिक्षक आदि 

पात्र भी अभिनय करने की 

मिलती है आमंत्रण।।

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