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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

నన్ను ఎందుకు కన్నావు ?

                       నన్ను ఎందుకు కన్నావు ?  
     
 జీవితంలోని ఆటో పోటులకి 
         భయపడి నా కొడుకు 
           నన్ను అడిగెను
     నన్ను ఎందుకు కన్నావు అని 
           కానీ ఈ ప్రశ్నకు 
     నా దగ్గర ఏ విధమైన 
           జవాబు లేదు 
 ఎందుకంటే మా నాన్న కూడా
        నన్ను అడగకుండానే
         కన్నారు ఎందుకో!
        అలాగే మా నాన్న నీ 
       అడక్కుండానే వాళ్ల నాన్న,
   వాళ్ల నాన్న అడగకుండానే వాళ్ల నాన్న.
           కన్నారు ఎందుకో! . 
సృష్టి రహస్యం ఏమిటి అంటే 
         జీవితంలో ఆటుపోట్లు 
       మొదట్లో కూడా ఉన్నాయి 
      ఈ రోజుల్లో కూడా ఉన్నాయి
       కొంచెం ఎక్కువగానే ,
       రాబోయే రోజుల్లో కూడా 
    ఉండొచ్చు ఇంకా ఎక్కువగానే . 
      కానీ ఒక్క మాట 
 నీవు కూడా అందరిలాగా 
        కనవద్దు కొడకా ! 
 నీ కొడుకు ని అడిగి 
        ఆ తర్వాత కను ! . 


                మూలకవి: హరి వంశ రాయ్ బచ్చన్ 
                అనువాదం: మహదేవ్

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