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मेरे जिले: नंद्याल की विशेषता

 ## मेरे ज़िले की विशेषता: नंद्याल (आंध्र प्रदेश) > **"जहाँ आस्था का दीप जलता है, नल्लामाला के जंगल लहराते हैं और हर दिल में रायलसीमा की संस्कृति धड़कती है—वही है मेरा नंद्याल।"** >  आंध्र प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक रायलसीमा क्षेत्र में स्थित **नंद्याल ज़िला (Nandyal District)** केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और बदलती आधुनिकता का एक अद्भुत संगम है। अपनी अनूठी भौगोलिक बनावट, प्राचीन मंदिरों और मिठास भरे जन-जीवन के कारण यह ज़िला पूरे राज्य में अपनी एक विशेष पहचान रखता है। ### 1. नव नंदी की पवित्र भूमि (आस्था और अध्यात्म) नंद्याल शब्द की उत्पत्ति ही भगवान शिव के वाहन **'नंदी'** के नाम पर हुई है। इस ज़िले की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित **'नव नंदी'** (नौ प्रसिद्ध नंदी मंदिर) हैं, जो ज़िले के विभिन्न कोनों में फैले हुए हैं:  * **महानंदी (Mahanandi):** यहाँ का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। महानंदी मंदिर परिसर में स्थित प्राकृतिक जलकुंड का पानी इतना स्वच्छ और शीतल है कि गहराई में पड़ा सिक्का भी साफ़ दिखाई देता है। वर्ष ...

दिया मुझको पुकार ।। -Ravanpualkhan MD

जीवन में आगे बढ़ना चाहा 

अतः शिक्षा को ही चुना 

मगर पड़ोसियों की जलन 

मूर्खों की बुरे बर्ताव

 बड़ों के चमचों की छेड़छाड़ 

जानबूझकर किये झगड़े 

 सच जानकर भी 

झूठी गवाहों के साथ दिए पुलिस की व्यवहार 

धमकाने आए हुए बेशर्म अधिकारियों की बात 

थुक खाकर उसका कर्ज चुकाने आये हुए निकम्मा प्रजा 

 झूठी तारीफों के साथ देने वाला राजनीतिकों के अहंकार

दिन-रात भर देख कर 

आना पड़ा आदर्श शिक्षा को छोड़कर 

समाज की वास्तविकता के ओर ....

मगर बदले की अपेक्षा खून खौल कर 

अपने बोझ को कागजों पर उतार कर

पेट भर के गालियाँ देकर

आह भरकर बद्दुवा देकर 

बनने की कुछ छोटे-मोटे तलवार

किया मुझे मजबूर

ऐसी मजबूर दिया मुझको पुकार 

ऐसा जो आज हूँ ।।


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